Ranji Final 2022: मुंबई vs मध्य प्रदेश रणजी फाइनल में दिखेगा यूपी-बिहार के लाडलों का दम


नई दिल्ली. मुंबई और मध्य प्रदेश बुधवार से रणजी ट्रॉफी के फाइनल में दो-दो हाथ करने जा रहे हैं. इस मुकाबले का प्रीव्यू लिखते वक्त दिलचस्प तुलना सामने आई. देश में क्रिकेट का सबसे बड़ा गढ़ मुंबई 41 बार रणजी ट्रॉफी जीत चुका है और मध्य प्रदेश का खाता निल है. यानी मुंबई को जहां 42वें खिताब की तलाश है तो मध्य प्रदेश पहली बार यह ट्रॉफी जीतने के लिए जोर लगाएगा. यह तो रही कागजी बात. इन दोनों टीमों पर नजर डालने पर दिलचस्पी और बढ़ जाती है. जैसे कि यह तो दुनिया जानती है कि रणजी ट्रॉफी का फाइनल मुंबई बनाम मध्य प्रदेश है. लेकिन इस बात पर कम ही लोगों की नजर गई है इन दोनों टीमों को फाइनल में पहुंचाने का बहुत बड़ा श्रेय उत्तर प्रदेश और बिहार के लाडलों का है.

सबसे पहले बात मुंबई की, जो 47वीं बार रणजी फाइनल के मुकाबले में उतर रही है. इस टीम के ओपनर पृथ्वी शॉ और यशस्वी जायसवाल (Yashasvi Jaiswal) हैं. क्रिकेट पर बारीक निगाह रखने वाले जानते हैं कि यशस्वी की पैदाइश भदोही (यूपी) की है. क्रिकेट का यह दीवाना 10 साल का होते-होते अपने ख्वाब बन चुका और उसे सच करने मुंबई आ पहुंचा. टेंट में सोया, गोलगप्पे बेचे, लेकिन हार नहीं मानी और आज मुंबई का ओपनर बन चुका है. यशस्वी की तरह पृथ्वी शॉ (Prithvi Shaw) का परिवार भी बिहार से मुंबई आया है. कोई शक नहीं कि यूपी-बिहार की यह मुंबईया जोड़ी मध्य प्रदेश के गेंदबाजों के लिए सबसे बड़ी चुनौती साबित होने जा रही है.

अब बात मध्य प्रदेश क्रिकेट टीम की. यह सिर्फ दूसरा मौका है, जब मध्य प्रदेश फाइनल खेलने जा रहा है. उसने सेमीफाइनल में बंगाल को हराया है. क्रिकेटप्रेमी भूले नहीं होंगे कि बंगाल को हराने में मध्य प्रदेश के जिस खिलाड़ी ने सबसे अहम भूमिका निभाई थी, वह कुमार कार्तिकेय हैं. सुल्तानपुर, यूपी में जन्मे कुमार कार्तिकेय (Kumar Kartikeya) ने इससे पहले इसी साल आईपीएल में मुंबई इंडियंस के लिए डेब्यू कर ध्यान खींचा था. वे आईपीएल में तो ज्यादा छाप नहीं छोड़ पाए. लेकिन रणजी सेमीफाइनल में 8 विकेट झटककर बंगाल को बोरिया-बिस्तर जरूर बांधने को मजबूर कर दिया.

Tags: Prithvi Shaw, Ranji Trophy, Yashasvi Jaiswal



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