कोच-खिलाड़ी का रिश्ता फिर शर्मसार, अब महिला नाविक ने लगाए ‘असहज’ महसूस कराने के आरोप


नई दिल्ली. गुरु या कोच की क्या भूमिका होती है, यह शायद किसी को बताने की जरूरत नहीं है. खासतौर से खेल जगत में तो एक खिलाड़ी अपने गुरु या कोच को भगवान तक का दर्जा देता है, लेकिन हाल में कुछ घटनाओं ने इस रिश्ते को शर्मसार किया है. भारत की एक महिला साइक्लिस्ट ने आरोप लगाए कि उनके कोच ने ‘अनुचित व्यवहार’ किया. भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) ने इस पर एक्शन लिया और अपनी जांच में पाया कि महिला साइक्लिस्ट के आरोप सच थे. अब राष्ट्रीय स्तर की महिला नाविक (सेलर) ने टीम के कोच पर जर्मनी यात्रा के दौरान उन्हें ‘असहज’ महसूस कराने का आरोप लगाया है.

सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, शिकायतकर्ता सेलर ने इस मामले में कई बार भारतीय याचिंग महासंघ (वाईएआई) से संपर्क किया, लेकिन जब उन्हें कोई जवाब नहीं मिला, तो बीती रात भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) से हस्तक्षेप करने की मांग की. साई ने अब दिन के अंत तक महासंघ से रिपोर्ट मांगी है, जिसमें पूछा गया है कि क्या नाविक ने उनसे पहले संपर्क किया था, और अगर ऐसा है तो मामले को गंभीरता से क्यों नहीं लिया गया.

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साई से जुड़े सूत्रों ने कहा, ‘एक महिला नाविक से शिकायत मिली है कि जर्मनी के दौरे पर एक कोच उन्हें असहज महसूस करा रहा था. नाविक ने दावा किया कि उन्होंने इस मामले में पहले महासंघ से संपर्क किया था, लेकिन कोई प्रतिक्रिया नहीं मिलने के बाद साई का दरवाजा खटखटाने का फैसला किया.’

उन्होंने कहा, ‘साई ने इस गंभीर मामले पर भारतीय याचिंग महासंघ से रिपोर्ट मांगी है. इस कैंप का प्रस्ताव और आयोजन वाईएआई द्वारा किया गया था. साई ने एसीटीसी के जरिए इसका वित्त पोषण किया था. खिलाड़ी ने जिस कोच पर आरोप लगाया है, उसे महासंघ ने नियुक्त किया था और उनके प्रस्ताव के अनुसार ही दल में शामिल किया गया था.’

साई ने एथलीट से भी संपर्क किया है, जिसने दावा किया था कि अभ्यास के दौरान कोच द्वारा ‘मानसिक दबाव’ बनाया जा रहा था. नाविक ने कोच द्वारा किसी तरह के यौन उत्पीड़न का उल्लेख नहीं किया है. विचाराधीन कोच 3 बार का ओलंपियन है और भारतीय नौसेना टीम का कोच है.

Tags: Indian sailors, Sai, Sailing, Sports news



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