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कोरोना विस्फोट के बीच चीनी राष्ट्रपति ने दिए और सख्ती के संकेत, पहले से ही घरों में बंद हैं लोग


नई दिल्ली. चीन में बुधवार को 6000 कोरोना के नए मामले आए हैं. इनमें सबसे ज्यादा मामले राजधानी बीजिंग और वाणिज्यिक राजधानी शंघाई में दर्ज है. लेकिन इतने से मामले के लिए चीनी सरकार का तानाशाह रवैया वहां के लोगों के लिए परेशानी का सबब बनकर टूट रहा है. दुनिया भर में इसकी आलोचना हो रही है. बीजिंग और शंघाई को एक तरह से नाकेबंदी कर दी गई है लेकिन चीन है कि मानता नहीं. आज चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग (Xi Jinping) ने देश में कोरोना के स्थिति पर पोलित ब्यूरो की बैठक बुलाई थी और इसमें स्पष्ट निर्देश दिया कि हर हाल में कोविड पर जीरो नीति को अपनाई जाए. इसका मतलब यह है कि चीन में अब तक जो पाबंदियां हैं, उसे और सख्त कर दी जाएंगी.

कोविड के खिलाफ युद्ध में जीतने का आह्वान
राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने गुरुवार को अधिकारियों से ‘कोविड-शून्य’ नीति का पालन करने का निर्देश दिया और कहा कि महामारी की रोकथाम महत्वपूर्ण चरण में पहुंच गई है. इसे जल्द काबू में करने के लिए शून्य नीति का पालन किया जाए. आधिकारिक मीडिया में प्रकाशित खबरों में बताया गया कि शी ने बीजिंग में कम्युनिस्ट पार्टी की पोलित ब्यूरो की बैठक की अध्यक्षता की जिसमें महामारी की स्थिति का विश्लेषण किया गया. उन्होंने कहा कि महामारी की रोकथाम और नियंत्रण एक महत्वपूर्ण चरण में है. शी ने शून्य-कोविड की नीति का पालन करने का आह्वान किया. बैठक में कहा गया कि चीन अपनी वैज्ञानिक और प्रभावी महामारी नियंत्रण नीति के साथ कोविड-19 के विरुद्ध मुकाबले में जीत हासिल करेगा.

आफद में लोगों की जिंदगी
इधर जिस तरह से चीन ने अपने शहरों को बंद किया है, उसकी दुनिया भर में आलोचना हो रही है. बीजिंग और शंघाई में पिछले एक पखवाड़े से लॉकडाउन जैसी स्थिति है. लोगों को अपने घरों में कैद कर दिया गया है. एक दिन में एक परिवार से सिर्फ एक आदमी को जरूरी सामान लाने की इजाजत है. जिन लोगों को कोविड संक्रमण हैं, उन्हें कैंप में ले जाया जाता है और वहां कई दिनों तक रखा जाता है. जिन्हें संदेह भी है, उन्हें भी पकड़ कर ले जाया जाता है. स्कूल, कॉलेज, दफ्तर, दुकानें, परिवहन सब बंद है. सिर्फ अनुमति प्राप्त लोगों को ही बाहर निकलने की इजाजत है. सीएनबीसी की खबर के मुताबिक सुझाऊ शहर में 16 अप्रैल को लॉकडाउन लगाया गया था, वहां के लोगों को घरों से काम करने को कहा गया. कई विदेशी कंपनियों के कर्मचारियों को अपना दफ्तर बंद करने की चेतावनी दी गई है.इस तरह लोगों की जिंदगी आफद में है.

Tags: China, Corona, Xi jinping



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