सूजे पैर के साथ वर्ल्ड कप में रचा इतिहास, 36 साल में किया कमबैक, अब कागज-पैन से दिखा रहे कमाल!


नई दिल्ली. बीते दशक में भारतीय क्रिकेट को बुलंदियों तक ले जाने में कई तेज गेंदबाजों का हाथ रहा है. लेकिन इसमें जो गेंदबाज सबसे अलग रहा और जिसे टीम इंडिया की सफलता का श्रेय मिलना चाहिए, वो हैं आशीष नेहरा. आज इस पूर्व भारतीय तेज गेंदबाज का जन्मदिन है. आशीष नेहरा 29 अप्रैल, 1979 को दिल्ली में जन्मे थे और भारत के लिए तीनों फॉर्मेट में खेले. चोट से उनका करियर काफी प्रभावित रहा. लेकिन, हर बार सर्जरी से गुजरने के बाद दमदार वापसी की. इसलिए उन्हें भारतीय क्रिकेट में कमबैक खिलाड़ी भी माना जाता है. उन्होंने 36 साल की उम्र में भारतीय क्रिकेट में वापसी की और 2016 के टी20 विश्व कप में अपनी गेंदबाजी के दम पर टीम इंडिया को सेमीफाइनल तक पहुंचाया था. इससे पहले, 2011 और 2003 के वनडे विश्व कप में भी आशीष ने कमाल की गेंदबाजी की और टीम को फाइनल तक पहुंचाने में अहम रोल निभाया था.

आशीष नेहरा ने 1999 में टेस्ट फॉर्मेट के जरिए इंटरनेशनल क्रिकेट में डेब्यू किया था. लेकिन चोट और फिटनेस की वजह से उनका टेस्ट करियर बहुत लंबा नहीं चला और वो 17 टेस्ट ही खेल पाए. नेहरा ने 2004 में आखिरी टेस्ट खेला. इसी दौरान, उन्होंने 2001 में वनडे डेब्यू किया. इस फॉर्मेट में अपनी स्विंग और वैरिएशन के दम पर कम वक्त में ही आशीष ने पहचान बना ली और फिर 2003 में दक्षिण अफ्रीका में हुए वनडे विश्व कप में उन्हें मौका मिला. इस वर्ल्ड कप में भारत फाइनल तक पहुंचा था तो इसमें आशीष की भूमिका अहम रही थी. उन्होंने 9 मैच में 15 विकेट लिए थे. इस टूर्नामेंट में उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ मुकाबले में कमाल की गेंदबाजी की थी और 10 ओवर में 23 रन देकर 6 विकेट झटके थे. यह विश्व कप में किसी भी भारतीय का सबसे बेहतरीन प्रदर्शन है. इस मैच में नेहरा चोटिल होने के बाद भी खेले थे. उनके पैर में सूजन थी. फिर वो मैदान में उतरे. वो मैच में उल्टियां कर रहे थे. ऐसे में शरीर में ऊर्जा बनी रही. इसलिए केले खाकर गेंदबाजी की और इतिहास रच दिया.

इंग्लैंड के खिलाफ वर्ल्ड कप में शानदार प्रदर्शन

आशीष नेहरा को अपने करियर के दौरान कई बार सर्जरी से गुजरना पड़ा. इसी वजह से वो टीम से अंदर-बाहर होते रहे. लेकिन, उन्होंने जब भी वापसी की, बेहतरीन प्रदर्शन ही किया. वे 2011 विश्व कप में भी भारतीय टीम का हिस्सा रहे थे. इस टूर्नामेंट में उन्होंने पाकिस्तान के खिलाफ सेमीफाइनल में बेहद किफायती गेंदबाजी की थी. उन्होंने 10 ओवर में 33 रन देकर 2 विकेट लिए थे. लेकिन, इसी मैच में उनकी उंगली फ्रैक्चर हो गई और वो श्रीलंका के खिलाफ फाइनल नहीं खेल पाए और पाकिस्तान के खिलाफ सेमीफाइनल उनका आखिरी वनडे साबित हुआ.

2011 के बाद वो 5 साल टीम इंडिया से बाहर रहे. लेकिन 2015 के आईपीएल में चेन्नई सुपर किंग्स के लिए 15 विकेट लेकर एक बार फिर उन्होंने टीम इंडिया का टिकट कटाया और पहले ऑस्ट्रेलिया में वनडे सीरीज जिताई, फिर टी20 विश्व कप में धारदार गेंदबाजी की. इस टूर्नामेंट में उन्होंने विकेट तो 5 लिए. लेकिन 5.94 की इकोनॉमी रेट से रन दिए. इसके बाद उन्होंने 2017 में क्रिकेट से संन्यास ले लिया.

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नेहरा की कोचिंग में गुजरात टाइटंस का दमदार प्रदर्शन

नेहरा ने 17 टेस्ट में 44, 120 वनडे में 157 और 27 टी20 में 34 विकेट लिए. क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद नेहरा ने कोचिंग में भी हाथ आजमाए. वो सनराइजर्स हैदराबाद के बॉलिंग कोच रहे. लेकिन आईपीएल 2022 में उन्हें गुजरात टाइटंस टीम का हेड कोच बनाया गया और पहले ही सीजन में इस टीम ने दिग्गज टीमों के पसीने छुड़ा दिए और नेहरा की टीम गुजरात पॉइंट्स टेबल में टॉप पर है. जहां बाकी टीम के कोच लैपटॉप, टैबलेट में उलझे नजर आते हैं. वहीं, नेहरा जी कागज, पेन लेकर ही ऐसी रणनीति बना रहे हैं कि चैम्पियन टीमें उसकी काट नहीं निकाल पा रही.

Tags: Ashish nehra, Gujarat Titans, IPL 2022, On This Day



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