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उइगर मुस्लिमों हो रहे अत्याचार के खुलेंगे राज, जांच के लिए UN की टीम पहुंची चीन


नई दिल्ली. पिछले कुछ सालों से चीन के शिनजियांग प्रांत में उइगर मुस्लिमों के नरसंहार की खबरें आती रही है. संयुक्त राष्ट्र की मानवाधिकार संस्था और पश्चिमी देश अक्सर चीन पर आरोप लगाते हैं कि चीन उइगर मुसलमानों को उनकी आजादी छीनकर मानवाधिकार का उल्लंघन कर रहा है. इस मामले को लेकर संयुक्त राष्ट्र की मानवाधिकार आयोग चीन आने की अनुमति मांग रहे थे. काफी अर्से से यह अनुमति लंबित थी. अब अंततः संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार आयोग के पांच सदस्य इस मामले की जांच करने के लिए चीन पहुंच चुके हैं. साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट के मुताबिक हालांकि फिलहाल इन सदस्यों को अभी ग्वांगझू में क्वारंटीन कर दिया गया है. संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार आयोग की प्रवक्ता लीज थ्रॉसेल के मुताबिक चीनी सरकार ने आयोग के पांच सदस्यों को आमंत्रित किया था.

मई में करेंगे शिनजियांग का दौरा
वियोन्यूज के मुताबिक संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार आयोग (OHRC) 2018 से चीनी सरकार से उनके सदस्यों को उइगर मुसलमानों पर हो रहे अत्याचार की वास्तविकता जानने के लिए वहां जाने के लिए असीमित पहुंच की अनुमति मांग रहे थे. यूएन ह्यूमेन राइट कमिश्नर मिशेल बेशलेट ने मार्च में कहा था कि हम चीनी सरकार से इस मुद्दे पर बात कर रहे हैं कि वह हमारे लोगों को वहां जाने दजें. संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार कार्यालय ने मंगलवार को कहा कि उसके कर्मी मानवाधिकार उच्चायुक्त मिशेल बैश्लेट की मई में होने वाली यात्रा की तैयारी के लिए सोमवार को दक्षिणी चीन पहुंचे. प्रवक्ता लिज़ थ्रोसेल ने कहा, पांच लोगों की अग्रिम टीम शुरू में ग्वांगझू में समय बिता रही है, जहां वह कोविड-19 रोधी यात्रा नियमों के तहत पृथक-वास में है.

उइगर मुसलमानों का दमन
चीन में उइगर मुसलमानों के खिलाफ नरसंहार का मामला अंतरराष्ट्रीय कोर्ट में भी पहुंच चुका है. चीन के शिनजियांग प्रांत में तुर्की मूल के मुस्लिमों की आबादी है. यहां से अक्सर खबरें आती रहती हैं कि चीन उइगर मुसलमानों का दमन कर रहा है. यहां तक कि उनकी धार्मिक पहचान को भी मिटाने की कोशिश की जा रही है. वहां के युवाओं को डिटेंशन सेंटर में रखा जा रहा है और चीन भाषा और संस्कृति को अपनाने का प्रशिक्षण दिया जाता है. एसोसिएट प्रेस के मुताबिक जर्मन शोधकर्ता ने अपनी जांच में पाया था कि शिनजियांग प्रांत में अल्पसंख्यकों की जबरन नसबंदी कर रही है. यहां के लोग अगर सरकार के खिलाफ आवाज उठाते हैं, तो उन्हें नजरबंद कर दिया जाता है. एक रिपोर्ट के मुताबिक शिनजियांग में पिछले तीन सालों में 18 लाख से ज्यादा उइगर और अन्य अल्पसंख्य लापाता हैं. या तो ये मारे जा चुके हैं या कैद कर लिए गए हैं. शिनजियांग की जनसंख्या में 84 प्रतिशत की कमी आई है.

Tags: China



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