नाओमी ओसाका ने दूसरी बार जीता खिताब, फाइनल में अजारेंका को दी मात – News18 हिंदी


नई दिल्ली. जापान (Japan) की नाओमी ओसाका (Naomi Osaka) ने एक सेट हारने के बाद शानदार वापसी करते हुए बेलारूस की विक्टोरिया अजारेंका (Victoria Azarenka) को हराकर यूएस ओपन (US Open) खिताब अपने नाम किया. पूर्व वर्ल्ड नंबर एक ओसाका का यह तीसरा ग्रैंड स्लैम टाइटल है. इससे पहले उन्होंने 2018 में यूएस ओपन और 2019 में ऑस्ट्रेलियन ओपन (Australian Open) खिताब जीता था. एक घंटे 53 मिनट तक चले मुकाबले में चौथी वरीय ओसाका ने खाली स्टेडियम में हुए फाइनल मुकाले में ने 1-6,6-3, 6-3 से मात देकर जीत हासिल कर ली.

पहला सेट हार गईं थी ओसाका

31 साल की अजारेंका ने 26 मिनट के पहले सेट में आसानी से जीत हासिल कर ली थी. हालांकि इसके बाद ओसाका ने वापसी की और मैच अपने नाम कर लिया.  पहला सेट गंवाने के बाद दूसरे सेट में एक ब्रेक से पिछड़ रही ओसाका ने खिताब जीतने के बाद कहा, ‘मैंने सोचा कि एक घंटे के अंदर मैच गंवा देना काफी शर्मनाक होगा.’ उन्होंने कहा, ‘मैंने सोचा मुझे जितना संभव हो उतना कड़ा प्रयास करना होगा और अपने रवैये में सुधार करना होगा.’

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ओसाका ने नस्लभेद के खिलाफ दर्ज किया विरोध

ओसाका के लिए यह सोच काम कर गई और उन्होंने जोरदार वापसी करते हुए खिताब अपने नाम किया. अमेरिकी ओपन में 25 साल बाद यह पहला मौका है जब किसी महिला खिलाड़ी ने फाइनल में पहला सेट गंवाने के बाद खिताबी जीत दर्ज की. इससे पहले 1994 में अरांत्जा सांचेज विकारियो ने स्टेफी ग्राफ के खिलाफ यह कारनामा किया था.

ओसाका ने कहा, ‘मैं जीतने के बारे में नहीं सोच रही थी. मैं सिर्फ प्रतिस्पर्धा पेश करने के बारे में सोच रही थी. किसी तरह मैं ट्रॉफी जीतने में सफल रही.’ बाइस साल की ओसाका का जन्म जापान में हुआ लेकिन तीन बरस की उम्र में वह अमेरिका आ गईं. अब कैलीफोर्निया में रहने वाली ओसाका अमेरिकी ओपन में खिताब जीतने के अलावा नस्ली भेदभाव के खिलाफ आवाज बनने के इरादे से आईं थी.

Tags: Sports news, Tennis





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