Free Video Downloader

EURO 2020: वर्ल्ड कप के बाद सबसे लोकप्रिय टूर्नामेंट, कभी 2 फाइनल हुए तो कभी टॉस से मिला चैंपियन


नई दिल्ली. यूरो कप या यूरोपियन चैंपियनशिप, यूरोपीय देशों का फुटबॉल टूर्नामेंट है. यूनियन ऑफ यूरोपियन फुटबॉल एसोसिएशन (UEFA) इसका आयोजन करता है. 1960 से इसकी शुरुआत की गई. तब से हर चार साल पर इसका आयोजन हो रहा है. पिछले साल कोरोना के कारण इसे एक साल के लिए स्थगित करना पड़ा था. अब यह टूर्नामेंट इसी साल 11 जून से शुरू हो रहा है. 61 साल से हो रहे इस टूर्नामेंट का इतिहास काफी रोमांचक है.

कभी टूर्नामेंट का विजेता चुनने के लिए दो फाइनल कराने पड़े, तो कभी मैच के रिजल्ट के लिए टॉस कराना पड़ा. अब तक 10 देशों ने इसका खिताब जीता है. शुरुआत में सिर्फ 4 टीमों को टूर्नामेंट में उतरने का मौका मिलता था. आज 24 टीमें टूर्नामेंट में उतरती हैं. यानी टीमों की संख्या में 6 गुना की बढ़ोतरी हो गई. मौजूदा सीजन के मुकाबले 11 देशों में 11 जून से 11 जुलाई के बीच होंगे. पुर्तगाल की टीम टूर्नामेंट की डिफेंडिंग चैंपियन है. इस सीजन में कुल 51 मुकाबले खेले जाएंगे.

आइडिया देने के 33 साल बाद शुरू हुआ टूर्नामेंट

यूरो कप की ट्रॉफी का नाम हेनरी डेलॉन के नाम पर है. इसे फ्रांस फुटबॉल एसोसिएशन के पूर्व महासचिव हेनरी डेलाॅन के नाम पर रखा गया है. उन्होंने ही सबसे पहले 1927 में टूर्नामेंट को आयोजित करने का सुझाव दिया था. लेकिन 1958 तक इस पर कोई चर्चा नहीं हुई.  1955 में डेलॉन की मौत हो गई. लेकिन टूर्नामेंट शुरू होने पर इन्हीं के नाम पर ट्रॉफी दी जाती है. हेनरी डेलॉन मैच रेफरी भी रहे. एक मैच के दौरान चेहरे पर गेंद लगने से इनके दांत टूट गए थे, तब इन्होंने रेफरी का काम छोड़ दिया. वे यूएफा के पहले महासचिव भी रहे.

स्पेन ने विवाद के कारण क्वार्टर फाइनल मैच नहीं खेला

1960 में हुए पहले टूर्नामेंट के क्वालिफाइंग टूर्नामेंट में कुल 17 टीमें उतरीं. चार टीम को टूर्नामेंट खेलने का मौका मिला. सोवियत यूनियन ने फाइनल में यूगोस्लाविया को अतिरिक्त समय में 2-1 से हराकर टूर्नामेंट का पहला खिताब जीता. फ्रांस ने राजनीतिक विवाद के चलते क्वार्टर फाइनल मुकाबले में सोवियत यूनियन के खिलाफ नहीं खेलने का फैसला किया था. मेजबान के नाते टीम को टूर्नामेंट खेलने का मौका मिला.

1968 में 2 बार फाइनल हुआ

1968 में इटली और सोवियत यूनियन का सेमीफाइनल मुकाबला अतिरिक्त समय तक 0-0 से बराबर रहा. अंत में टॉस का सहारा लिया गया और इटली जीता. पहली और अंतिम बार विजेता के लिए टॉस का प्रयोग किया गया. 1968 का फाइनल भी दो हुआ. पहला फाइनल इटली और यूगोस्लाविया के बीच अतिरिक्त समय के बाद 1-1 से बराबर था. दो दिन बाद दूसरे फाइनल में इटली को 2-0 से जीत मिली.

10 टीमों ने जीता है खिताब

यूरो कप के अब तक के चैंपियन.

अब तक 10 टीमों ने कम से कम एक बार टूर्नामेंट का खिताब जीता है. जर्मनी और स्पेन ने सबसे ज्यादा 3-3 बार खिताब पर कब्जा किया. स्पेन लगातार दो बार 2008 और 2012 में यह टूर्नामेंट जीतने वाली इकलौती टीम है. पुर्तगाल टूर्नामेंट की डिफेंडिंग चैंपियन है.

55 में से 35 देश कम से कम एक बार टूर्नामेंट में उतरे

यूएफा के 55 सदस्य देश हैं. इनमें से 35 देश कम से कम एक बार टूर्नामेंट में उतर चुके हैं. जर्मनी की टीम सबसे ज्यादा 13 बार टूर्नामेंट में उतरी है. पांच बार वेस्ट जर्मनी जबकि आठ बार जर्मनी के नाम से. रूस को 12 बार मौका मिला. 6 बार सोवियत यूनियन के नाम से, एक बार सीआईएस फुटबॉल टीम और 6 बार रूस के नाम से टूर्नामेंट में उतरी.

वर्ल्ड कप के बाद सबसे ज्यादा देखा जाना वाला टूर्नामेंट

यूरो कप फीफा वर्ल्ड कप के बाद दुनिया में सबसे ज्यादा देखा जाने वाला फुटबॉल टूर्नामेंट है. 2012 का फाइनल स्पेन और इटली के बीच खेला गया था. इसे दुनियाभर में 30 करोड़ लोगों ने देखा था. 2016 के फाइनल को भी लगभग 28 करोड़ लोगों ने देखा. यह यूरोपियन इतिहास में दूसरा सबसे ज्यादा देखा जाने वाला मैच था. 2016 में फ्रांस में हुए यूरो कप में 16280 करोड़ रुपए का रेवेन्यू मिला था. हालांकि इस बार कोरोना के कारण रेवेन्यू में बढ़ोतरी की उम्मीद नहीं है.

3300 करोड़ रुपए की प्राइज मनी

यूएफा के अनुसार, 1960 में पहला फाइनल जीतने के बाद सोवियत यूनियन के सभी 17 खिलाड़ियों को 200-200 डॉलर यानी कुल 3400 डॉलर दिए गए थे. यानी लगभग 2.5 लाख रुपए. इस बाद बतौर प्राइज मनी 3300 करोड़ रुपए दिए जाएंगे. यानी प्राइज मनी में लगभग 1300 गुना की बढ़ोतरी हुई है. इस बार विजेता को लगभग 88 करोड़ रुपए मिलेंगे.

Tags: Euro 2020, Euro Cup 2020, FIFA, Sports news, UEFA





Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published.

forty eight  ⁄    =  six