Sir Don Bradman averaged 99 96 but hit only six sixes in his career


नई दिल्ली. 99.94 का टेस्ट औसत… 12 दोहरे शतक… 20 शतक… 13 अर्धशतक और पूरे टेस्ट करियर में छक्के सिर्फ 6. सुनकर अजीब लगता है ना… लेकिन यह सच है. क्रिकेट के लीजेंड सर डॉन ब्रैडमेन (Sir Don Bradman) वह क्रिकेटर हैं, जिन्होंने अपने पूरे टेस्ट करियर और फर्स्ट क्लास क्रिकेटिंग करियर में सिर्फ 6 छक्के जड़े हैं. उन्होंने इंग्लैड के खिलाफ 5 और भारत के खिलाफ सिर्फ एक छक्का जड़ा है. ऑस्ट्रेलियाई लीजेंड ने अपने करियर में 52 टेस्ट और 234 फर्स्ट क्लास मैच खेले हैं. उन्होंने अपने फर्स्ट क्लास करियर में एक भी छक्का नहीं जड़ा है. टेस्ट में उनका औसत 99.94 है और फर्स्ट क्लास में 95.14 औसत रहा है.

डॉन ब्रैडमेन ने अपने करियर में 681 चौके जड़े हैं. उन्होंने अपने टेस्ट करियर में 6996 रन बनाए, जिनमें उनका अधिकतम स्कोर 334 रन का रहा. वहीं, फर्स्ट क्लास करियर में ब्रैडमेन ने 28067 रन बनाए, जिनमें उनका अधिकतम स्कोर नाबाद 452 रन का रहा. सर डॉन ब्रैडमैन क्रिकेट के सर्वकालिक दिग्गज हैं. वह क्रिकेटखेलने के लिए पैदा हुए खिलाड़ी थे, जिन्होंने आने वाली पीढ़ी के लिए एक बेंचमार्क स्थापित किया. दाएं हाथ के ऑस्ट्रेलियाई दिग्गज गेंदबाजों के लिए किसी बुरे सपने से कम नहीं थे.

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टेस्ट डेब्यू की पहली पारी में बनाए थे 18 रन
ब्रैडमेन का टेस्ट क्रिकेट में 99.94 का औसत किसी भी खिलाड़ी द्वारा अबतक क्रिकेट के इतिहास में सबसे अधिक औसत है. ब्रैडमैन ने 20 साल तक टेस्ट क्रिकेट खेला और 1948 में संन्यास लिया था, लेकिन उनके कई रिकॉर्ड आज भी वैसे ही बरकरार हैं. उन्होंने अपने टेस्ट क्रिकेट करियर का आगाज 20 नवंबर 1928 को इंग्लैंड के खिलाफ किया था. लेकिन ब्रैडमैन का टेस्ट डेब्यू बहुत विस्फोटक नहीं था, उन्होंने पहली पारी में सिर्फ 18 रन बनाए और दूसरी पारी में केवल 1 रन बनाया. आखिर में इंग्लैंड ने यह टेस्ट मैच 675 रन से जीत लिया था.

ब्रैडमेन के डर से इंग्लैंड ने की थी क्रूर गेंदबाजी
1930 और 40 के दशक के दौरान ब्रैडमैन वर्ल्ड क्रिकेट के मास्टर थे. 1930 में उन्होंने एक सीरीज में 974 रन बनाए, इनमें से 309 रन उन्होंने सिर्फ हेडिंग्ले में एक दिन में बनाए थे. इंग्लैंड के खिलाफ सात टेस्ट सीरीज में वह पूरी तरह से छाए रहे. 1932-33 में इंग्लैंड ब्रैडमैन से इतना घबरा गया था कि उन्होंने गेंदबाजी की एक प्रणाली, एक बॉडीलाइन तैयार कर ली थी, जिसे इतिहास में क्रूर और अनुचित बताया गया. यहह गेंदबाजी सिर्फ डॉन ब्रैडमेन को विफल करने के लिए तैयार की गई थी, लेकिन इस दौरान भी उनका औसत 56 रहा.

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स्टंप, गोल्फ बॉल और टैंक से बने शानदार बल्लेबाज
यह सब एक स्टंप, एक गोल्फ बॉल और एक टैंक स्टैंड से शुरू हुआ. अपने पुराने परिवार के घर में ब्रैडमैन एक नालीदार टैंक स्टैंड के खिलाफ एक गोल्फ की गेंद को उछालते थे, और फिर एक स्टंप की मदद से उसे टैंक पर मारते. इस तरह गोल्फ की बॉल पानी के टैंक पर लग कर तेजी से वापिस आती थी और वह दोबारा उसे हिट करते थे. इस तरह उन्होंने अपने रिफ्लेक्सिस, तकनीक और आंखों के बीच संतुलन कर अपनी बल्लेबाजी को मजबूत और कुशल बनाया.

Don Bradman

ब्रैडमेन का टेस्ट क्रिकेट में 99.94 का औसत किसी भी खिलाड़ी द्वारा अबतक क्रिकेट के इतिहास में सबसे अधिक औसत है (PIC: AP)

12 दोहरे शतकों का रिकॉर्ड बरकरार
ब्रैडमेन का 12 दोहरे शतकों का रिकॉर्ड आजतक नहीं टूट पाया है. हालांकि कुमार संगकारा ने 11 दोहरे शतक बनाए हैं, लेकिन उनके अलावा और कोई खिलाड़ी इस रिकॉर्ड के करीब नहीं पहुंच पाया है. ब्रैडमैन ने अपना आखिरी टेस्ट मैच 14 अगस्त 1948 को इंग्लैंड के खिलाफ खेला था. इस टेस्ट मैच की पहली पारी में ब्रैडमैन जीरो पर आउट हो गए थे. इसी वजह से उनका औसत 99.94 तक गिर गया था, अन्यथा उनका पहले का औसत 100 था. ऑस्ट्रेलिया ने यह टेस्ट जीता था. एक पारी और 149 रन के साथ मैच यह जीत डॉन ब्रैडमैन के लिए एक शानदार विदाई थी.

Tags: Australia, Cricket news, Sir Don Bradman





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