China reject its military base reports in central asia


बीजिंग. चीन ने शुक्रवार को दोहराया कि मध्य एशिया में उसका कोई सैन्य अड्डा नहीं है, जिसमें एशियाई दिग्गज ताजिकिस्तान के पूर्वी हिस्से में अपने गृह मंत्रालय के लिए एक विशेष आधार बनाने की योजना बना रहे हैं. चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने शुक्रवार को यह बयान जारी किया.

प्रवक्ता वांग वेनबिन ने एक ब्रीफिंग में बताया, “मैं स्पष्ट रूप से कह सकता हूं कि मध्य एशिया में चीन का कोई सैन्य अड्डा नहीं है.” हालांकि, राजनयिक ने ताजिकिस्तान के बयानों के बारे में सवाल का सीधा जवाब नहीं दिया कि चीन अपने गृह मंत्रालय के लिए सोवियत के विघटन के बाद बने देश के पूर्वी हिस्से में एक विशेष अड्डे का निर्माण करेगा.

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ताजिक संसद द्वारा आवासीय और प्रशासनिक भवनों के साथ-साथ एक जल भंडार और दो निगरानी टावरों सहित 12 भवनों के निर्माण के लिए 8.9 मिलियन अमेरीकी डॉलर का मसौदा समझौता अपनाया गया है. इन सुविधाओं की योजना 3,550 वर्ग मीटर (38,211.9 वर्ग फुट) में फैली है.

चीन का यह बयान ऐसे समय में सामने आया है जबकि कुछ दिन पहले उसने अपने नए भूमि सीमा कानून को मंजूरी दी है और जिसे लेकर भारत ने अपनी आपत्ति जताई थी. हालांकि चीन ने बृहस्पतिवार को कहा कि उसका नया भूमि सीमा कानून मौजूदा सीमा संधियों के कार्यान्वयन को प्रभावित नहीं करेगा और संबंधित देशों को ‘सामान्य कानून’ के बारे में ‘अनुचित अटकलें’ लगाने से बचना चाहिए.

Tags: Asia, China





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