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China mob broke dome of historic dongguan mosque in xining city


बीजिंग. चीन (China) के उत्तर-पश्चिमी शहर शिनिंग में चीनी शाही महल की शैली में बनी करीब 700 साल पुरानी डोंगगुआन मस्जिद (Dongguan Mosque) का रूप अब पूरी तरह से बदल चुका है. टाइलों वाली छतों और गुंबदों के साथ बौद्ध प्रतीकों से सजी यह मस्जिद 20वीं सदी की शुरुआत में सियासी उठा-पटक के बीच लगभग नष्ट हो गई थी, जिसे 1990 के दशक में हरे गुंबदों में बदला गया. अब चीन में इन गुंबदों को तोड़ दिया गया है.

अमेरिका के फ्लोरिडा और वॉशिंगटन में सर्वाधिक प्रसारित होने वाले नेशनल पब्लिक रेडियो (एनपीआर) ने यह ताजा रिपोर्ट प्रकाशित की है. रिपोर्ट में बताया गया है कि डोंगगुआन मस्जिद के बाहर अनार बेचने वाले किसान अली ने कहा कि चीन सरकार के अधिकारी कहते हैं कि वे इस जगह को बीजिंग के तियानमेन चौक की तरह खूबसूरत बनाना चाहते हैं. दरअसल उनकी इच्छा इन मस्जिदों का चीनीकरण करने की है.

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किसान अली ने यह भी कहा कि एनपीआर सिर्फ उनके पहले नाम का ही इस्तेमाल करें, क्योंकि यहां लोगों को आदेश है कि वे गुंबद को हटाने के बारे में किसी को न बताएं. चीन देशभर में हजारों मस्जिदों से गुंबद और मीनारें हटा रहा है, ताकि मुस्लिमों की धार्मिक पहचान खत्म हो सके. चीनी अधिकारी मानते हैं कि ये गुंबद और मीनारें विदेशी धार्मिक प्रभाव का प्रतीक हैं और ये देश के चीनीकरण में सबसे बड़ी बाधा हैं.

चीन की सुनियोजित रणनीति का हिस्सा 
शिनजियांग प्रांत में मुस्लिमों के साथ चीन सरकार एक सुनियोजित रणनीति के तहत उनकी धार्मिक पहचान मिटाने की दिशा में काम कर रही है. करीब दो साल पहले यहां पर चीनी अधिकारियों ने मस्जिदों के आगे बड़े-बड़े होर्डिंग्स और बैनर लगाकर उन्हें ढंकने की कोशिश की. अब वह गुंबदों को गिराने की कार्रवाई कर रहा है, ताकि इन क्षेत्रों की चोरी-छुपे की जाने वाली फोटोग्राफी भी नहीं हो सके.

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एनपीआर के मुताबिक, चीन में अपनाई जाने वाली जातीय नीति, सोवियत दृष्टिकोण पर आधारित है जिसमें नागरिकों को 55 अलग-अलग जातीय अल्पसंख्यक समूहों में वर्गीकृत किया गया था. इनमें से प्रत्येक को उनके क्षेत्र में सीमित सांस्कृतिक स्वतंत्रता दी जाती थी. चीन भी इसी तर्ज पर काम कर रहा है. अमेरिकी यूनिवर्सिटी में चीनी मूल के इतिहास विशेषज्ञ मा हैयून बताते हैं कि चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के लोग अब सांस्कृतिक रूप से भी चीन पर शासन करना चाहते हैं. इसके तहत वे देश में सिर्फ मंदारिन भाषा का प्रसार चाहते हैं. (एजेंसी इनपुट)

Tags: China, Muslim





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