Foreign birds arrived 15 days late from Europe, Siberia, migratory birds will stay here till March, bird festival will give wings to our tourism | यूराेप, साइबेरिया से 15 दिन की देरी से आए विदेशी पक्षी, मार्च तक यहीं रहेंगे प्रवासी पक्षी, बर्ड फेस्टिवल से हमारे पर्यटन को लगेंगे पंख


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उदयपुर23 मिनट पहले

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देश में कोरोना के ओमिक्रॉन वैरिएंट के कारण 15 दिसंबर से शुरू होने वाली अंतरराष्ट्रीय उड़ानें भले ही टाल दी गईं। लेकिन हमारे लिए अच्छी खबर है। 15 दिन की देरी से ही सही विदेशी पक्षियों की उड़ानें हमारे यहां लैंड होने लगी हैं। यह पर्यटन के लिए शुभ संकेत हैं। जनवरी में बर्ड फेस्टिवल भी प्रस्तावित है। ऐसे में उसे भी पंख लगने की आस है।

ये पक्षी हर साल यूराेप, साइबेरिया, मंगोलिया सहित कई अन्य देशों से आते हैं। बर्ड वाॅचर ने शहर और आसपास के जलाशयों में 25-30 प्रजातियाें के पक्षियों काे देखा है। यह यूराेप, साइबेरिया में ठंड शुरू होने से पहले हजाराें मील का सफर तय कर यहां पहुंचते हैं। क्योंकि बर्फबारी शुरू होते ही इन्हें वहां भोजन मिलना मुश्किल हो जाता है। यह प्रमुख रूप से फतहसागर, स्वरूपसागर, मेनार, जवाई, किशन करेरी, वल्लभनगर, नेला तालाब, जयसमंद के पास छाेटे जलाशयों पर प्रवास करते हैं।

150-200 प्रजातियाें के प्रवासी पक्षी आते हैं उदयपुर

अभी यह प्रजातियां पहुंचीं : गेडवाल, यूरेशियन कर्ल्यू, काॅमन सेंड पाइपर, रेड शेंक, ग्रीन शेंक वूड, सेंड पाइपर, पाइड एवाेसेट, काॅमन टील डक, फ्लेमिंगाें, काॅमन क्रेन, शाॅर्ट इयर्ड उल्लू, ओस्प्रे, माश हेरियर, शवलर, पाेचार्ड, नॉर्दन शोवलर, नॉर्दन पिनटेल, यूरेशियन विजन, बार हैडेड गूज, काेमन क्रेन देखे गए।

पिछले साल अक्टूबर में ही डाल लिया था मेनार में डेरा

पिछले साल यह मेहमान पक्षी 3-4 सप्ताह पहले अक्टूबर में ही उदयपुर आए गए थे। तब बर्ड विलेज मेनार में इन्हें भारी तादात में देखा गया था। वहीं वर्ष 2019 में इनका आगमन नवंबर के अंतिम सप्ताह में हुआ था।

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